उद्देश्य - अनुसूचित जाति के गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रहे लोगों का आर्थिक उत्थान कराना योजना का स्वरूप- इस योजना में बेरोजगारों को लघु कुटीर एवं व्यापार के लिए बैंकों से ऋण उपलब्ध कराना एवं स्वीकृत ऋण को 50% या अधिकतम रुपए 10,000 अनुदान जो काम हो या निगम द्वारा दिया जाता हैl योजना का कार्य क्षेत्र- संपूर्ण मध्य प्रदेश वार्षिक आय- हितग्राही की वार्षिक आय ग्रामीण क्षेत्र में 1597 एवं शहरी क्षेत्र में 21206 से अधिक ना हो के संबंध में राजस्व अधिकारी का प्रमाण पत्र
हमारे देश में हमारे देश में बेरोजगारी एक जटिल समस्या है! इसका समाधान आजादी के 50 वर्षों बाद भी नहीं हो सका है। कंप्यूटर के प्रयोग से लोगों के रोजगार के नए अवसर प्राप्त हुए हैं आज कंप्यूटर का प्रयोग मानव जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में अत्यंत सफलतापूर्वक किया जा रहा है | प्रिंटिंग के क्षेत्र में इसके प्रयोग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है इस क्षेत्र में उनके प्रयोग को डीटीपी डेस्कटॉप पब्लिशिंग के नाम से जाना जाता है एल डीटीपी यानी एक पेज मेकर के ऊपर से प्रकाशन का सारा कार्य करना इस कार्य को करने के लिए हमें कंप्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर के शक्तिशाली समन्वय को प्रयोग करना पड़ता है l जैसा की सर्वदीपित है कि कंप्यूटर विज्ञान दो भागों में विभाजित है पहला हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर प्रारंभ में इन सॉफ़्टवेयर ओम को प्रयोग केवल कैलकुलेशन या डेटा प्रबंधन इत्यादि में किया गया था लेकिन धीरे-धीरे इनका प्रयोग बढ़ने लगा l और इनका प्रयोग करने वाली प्रिंटिंग प्रिंटिंग के लिए भी किया जाने वाला लिप्स के लिए प्रमुख रूप से 3 शब्दों का प्रयोग किया जाता है यह सॉफ्टवेयर है विंडोज पेज...
आज के वैज्ञानिक युग में आध्यात्मिक चेतना का विशेष महत्व है आज का युग कट्टर सिद्धांत बार को स्वीकार नहीं करता और स्वीकार करना भी उचित नहीं है क्योंकि कट्टर सिद्धांत बाद एवं बौद्ध धर्म का खतरा रहेगा जिसका हाथ से दिखाई दे रहा है इस कारण ऐसा प्रतीत हो रहा है कि यही कर्म युक्त ना हो जाए ऐसी प्रतीति हमें इसलिए हो रही है क्योंकि हमने धर्म संबंधी आकारों अनौपचारिक अदाओं को अंतिम और अपरिवर्तनीय मान लिया इसलिए हमारा सनसनी आलू और आशंकित होना स्वभाविक है हमारे सौभाग्य की बात है कि धर्मों के महान ऋषि और प्रबंधकों ने किसी निश्चित परिवर्तनों सिद्धांतों एवं कांडों का विधान नहीं किया है वह तो आत्मा को अपनी एकांकी तीर्थ यात्रा के पथ पर आमंत्रित करते हैं उसे पूर्ण स्वाधीनता प्रदान कर देते हैं क्योंकि उनका भी यह विश्वास है कि इस बार को अपनी शिवा के अनुसार स्वतंत्र एवं निर्बाध रूप से अपनी आत्मा को ही पाना ही आध्यात्मिक जीवन के लिए अनिवार्य शर्त है आज इस आध्यात्मिक जीवन की प्राप्ति के लिए मनुष्य ने आध्यात्मिक चेतना का विकास किया जाना चाहिए यदि हमारे मंदिर मस्जिद गिरजाघर है कि हमारा मुख्य कार्य पव...